HRA छूट कैसे निकलती है: आसान उदाहरण के साथ (2026-27)
HRA का टैक्स-फ्री हिस्सा तीन रकमों में से सबसे कम होता है। आसान उदाहरण, 2026-27 से 50% वाले आठ शहर, और कौन से सबूत चाहिए।
तुरंत टूल्स टीम · अपडेट 16 अक्टूबर 2026 · 5 मिनट
सैलरी स्लिप में “HRA” लिखा तो सबको दिखता है, पर इसमें से कितना टैक्स-फ्री है, यह बहुत कम लोग जानते हैं। अच्छी बात यह है कि हिसाब तीन सीधी शर्तों पर टिका है। एक बार समझ लिया तो हर साल रिटर्न भरते समय आसानी होगी।
तीन रकमों में से सबसे कम टैक्स-फ्री
- आपको मिलने वाला असली HRA।
- आपका किराया, घटाकर सैलरी (बेसिक + DA) का 10%।
- सैलरी का 50% अगर आप 50% वाले शहर में रहते हैं, बाकी जगह 40%।
टैक्स वर्ष 2026-27 से 50% वाले शहर आठ हैं: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद। पहले बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद 40% में आते थे, इसलिए इन शहरों में रहने वालों की छूट बढ़ गई है।
एक उदाहरण
मान लीजिए आपका बेसिक ₹50,000 महीना है, HRA ₹20,000 मिलता है और किराया ₹22,000 देते हैं:
- मिलने वाला HRA: ₹20,000
- किराया − बेसिक का 10%: ₹22,000 − ₹5,000 = ₹17,000
- बेसिक का 50% (बड़ा शहर): ₹25,000; 40% (बाकी शहर): ₹20,000
सबसे कम रकम ₹17,000 है, यानी हर महीने इतना HRA टैक्स-फ्री है: साल में ₹2,04,000। बाकी ₹36,000 पर टैक्स लगेगा।
| मासिक किराया | टैक्स-फ्री HRA (50% शहर, सालाना) | टैक्स-फ्री HRA (बाकी शहर, सालाना) |
|---|---|---|
| ₹12,000 | ₹84,000 | ₹84,000 |
| ₹18,000 | ₹1,56,000 | ₹1,56,000 |
| ₹25,000 | ₹2,40,000 | ₹2,40,000 |
| ₹35,000 | ₹2,40,000 | ₹2,40,000 |
सबसे ज़रूरी: यह सिर्फ़ पुराने रिजीम में है
नए टैक्स रिजीम में HRA की कोई छूट नहीं मिलती। इसलिए HRA का फ़ायदा तभी है जब आप पुराना रिजीम चुनें, और यह तभी समझदारी है जब आपकी कुल छूट काफ़ी बड़ी हो।
कंपनी या आयकर विभाग को क्या दिखाना होगा
- हर महीने की किराया रसीद, मकान मालिक के नाम और हस्ताक्षर के साथ।
- अगर साल का किराया ₹1 लाख से ज़्यादा है, तो मकान मालिक का PAN।
- बैंक या UPI से भुगतान का रिकॉर्ड रखें; यह रसीद से भी मज़बूत सबूत है।