पुराना या नया टैक्स रिजीम FY 2026-27: किसमें ज़्यादा बचत?
₹18 लाख पर नए रिजीम में टैक्स ₹1,50,800 सालाना है। पुराना रिजीम तभी फ़ायदेमंद है जब छूट ₹6,42,000 से ज़्यादा हो। अपनी सैलरी के आँकड़े देखें।
तुरंत टूल्स टीम · अपडेट 17 अक्टूबर 2026 · 6 मिनट
हर साल अप्रैल आते ही ऑफ़िस में एक ही सवाल घूमता है: “इस बार कौन सा रिजीम चुनें, पुराना या नया?” कंपनी का HR फ़ॉर्म भेजता है, और ज़्यादातर लोग बिना हिसाब लगाए कुछ भी चुन लेते हैं। इस लेख में हम FY 2026-27 के असली आँकड़ों से समझेंगे कि किसके लिए कौन सा रिजीम बेहतर है।
सबसे पहले: नए रिजीम में ₹12.75 लाख तक टैक्स शून्य
नए रिजीम में ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, और ₹12 लाख तक की टैक्स योग्य आय पर रिबेट पूरा टैक्स ख़त्म कर देता है। यानी जिनकी सैलरी ₹12.75 लाख तक है, उनके लिए फ़ैसला आसान है: नया रिजीम, क्योंकि टैक्स शून्य है।
₹18 लाख सैलरी: एक पूरा उदाहरण
- नया रिजीम (सिर्फ़ स्टैंडर्ड डिडक्शन): ₹1,50,800 सालाना।
- पुराना रिजीम, कोई छूट नहीं: ₹3,51,000।
- पुराना रिजीम, 80C में ₹1.5 लाख और 80D में ₹25,000: ₹2,96,400।
₹18 लाख पर सालाना टैक्स
पुराना रिजीम तभी सस्ता होगा जब आपकी कुल छूट (80C, 80D, HRA, होम लोन ब्याज, NPS वग़ैरह, स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा) ₹6,42,000 से ज़्यादा हो। ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों की छूट इतनी नहीं होती, इसलिए नया रिजीम जीतता है।
अलग-अलग सैलरी पर तुलना
| सैलरी | नया रिजीम | पुराना (80C + 80D) | पुराने के लिए ज़रूरी छूट |
|---|---|---|---|
| ₹8 लाख | ₹0 | ₹28,600 | कभी नहीं |
| ₹10 लाख | ₹0 | ₹70,200 | कभी नहीं |
| ₹12 लाख | ₹0 | ₹1,11,800 | कभी नहीं |
| ₹12.75 लाख | ₹0 | ₹1,32,600 | कभी नहीं |
| ₹15 लाख | ₹97,500 | ₹2,02,800 | ₹5,44,000 |
| ₹18 लाख | ₹1,50,800 | ₹2,96,400 | ₹6,42,000 |
| ₹20 लाख | ₹1,92,400 | ₹3,58,800 | ₹7,09,000 |
| ₹25 लाख | ₹3,19,800 | ₹5,14,800 | ₹8,01,000 |
| ₹30 लाख | ₹4,75,800 | ₹6,70,800 | ₹8,01,000 |
| ₹50 लाख | ₹10,99,800 | ₹12,94,800 | ₹8,01,000 |
आख़िरी कॉलम सबसे काम का है: यह बताता है कि पुराने रिजीम को फ़ायदेमंद बनाने के लिए आपको कुल कितनी छूट चाहिए। अगर आप किराये के घर में रहते हैं और बड़ा HRA मिलता है, या होम लोन का ब्याज ₹2 लाख तक है, तो यह आँकड़ा पार हो सकता है।
किसके लिए पुराना रिजीम अब भी सही है?
- बड़े शहर में ऊँचा किराया देने वाले, जिनका HRA छूट वाला हिस्सा बड़ा है।
- होम लोन वाले, जो ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट लेते हैं और साथ में 80C भी पूरा भरते हैं।
- वरिष्ठ नागरिक, जिन्हें पुराने रिजीम में ज़्यादा बेसिक छूट मिलती है (60 पर ₹3 लाख, 80 पर ₹5 लाख)।